हम सब की ज़िंदगी में वो दिन आते हैं…आप सुबह उठती हैं, एक ज़रूरी मीटिंग या पार्टी के लिए तैयार होना है, आप शीशे में देखती हैं और… बूम! आपकी आँखों के नीचे के ‘डार्क सर्कल्स’ (Dark Circles) या ‘काले घेरे’ आपका मज़ाक उड़ा रहे होते हैं।
आपका पहला रिएक्शन? आप अपना सबसे ‘फुल कवरेज’ कंसीलर (Concealer) उठाती हैं और उसे ‘डार्क सर्कल्स’ पर मलना शुरू कर देती हैं।
नतीजा? 5 मिनट के लिए सब छिप जाता है, लेकिन लंच टाइम तक आपकी आँखों के नीचे का हिस्सा ‘केकी’ (Cakey), ‘पैची’ (Patchy) और ‘ग्रे’ (Grey) दिखने लगता है। कंसीलर आपकी ‘फाइन लाइन्स’ (Fine Lines) में जाकर जम जाता है और यकीन मानिए, वो लुक ‘डार्क सर्कल्स’ से भी ज़्यादा खराब लगता है।

अगर यह आपकी कहानी है, तो आप सही जगह पर हैं।
आपकी असली लड़ाई ‘डार्क सर्कल्स’ से नहीं, ‘केकी मेकअप’ से है। आज मैं आपके साथ एक प्रो-मेकअप आर्टिस्ट का सीक्रेट रूटीन शेयर करने वाली हूँ, जो सिर्फ 10 मिनट में आपके ‘डार्क सर्कल्स’ को ऐसे छिपाएगा कि देखने वाले को लगेगा यह आपकी ‘नेचुरल स्किन’ है।
डार्क सर्कल क्यों आते हैं? (Science-Backed Causes) – Why do dark circles appear?
इससे पहले कि हम ‘मेकअप’ पर जाएँ, यह समझना ज़रूरी है कि यह ‘काले घेरे’ आते ही क्यों हैं। यह सिर्फ नींद की कमी नहीं है।
- जेनेटिक्स (Genetics): यह सबसे बड़ा कारण है। अगर आपके परिवार में यह है, तो आपको होने की संभावना ज़्यादा है। इसका कारण आँखों के नीचे की ‘पतली स्किन’ (Thin Skin) हो सकता है, जिससे नीचे की ‘ब्लड वेसल्स’ (Blood Vessels) ज़्यादा दिखती हैं।
- लाइफस्टाइल (Lifestyle):
- नींद की कमी: यह ‘ब्लड वेसल्स’ को चौड़ा कर देती है, जिससे वे ज़्यादा गहरे और नीले दिखते हैं।
- स्ट्रेस (Stress): स्ट्रेस ‘कोर्टिसोल’ (Cortisol) हॉर्मोन बढ़ाता है, जो ‘ब्लड फ्लो’ को बढ़ाकर ‘डार्क सर्कल्स’ को ज़्यादा ‘विज़िबल’ (Visible) बनाता है।
- डिहाइड्रेशन (Dehydration): जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो आँखों के नीचे की स्किन ‘धँसी’ हुई लगती है, जिससे ‘शैडो’ (Shadow) बनती है।
- हाइपरपिग्मेंटेशन (Hyperpigmentation):
- धूप (Sun Exposure): सूरज की किरणें ‘मेलानिन’ (Melanin) प्रोडक्शन को बढ़ाती हैं, जिससे स्किन काली पड़ने लगती है।
- आँखें मलना (Eye Rubbing): एलर्जी या आदत के कारण आँखें मलने से उस नाज़ुक स्किन में ‘सूजन’ (Inflammation) होती है, जो बाद में ‘पिग्मेंटेशन’ बन जाती है।
- उम्र (Aging): जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, स्किन ‘कोलेजन’ (Collagen) खो देती है, और पतली हो जाती है। साथ ही, आँखों के नीचे का ‘फैट पैड’ खिसकने लगता है, जिससे एक ‘गड्ढा’ बन जाता है, जो ‘डार्क सर्कल’ जैसा दिखता है।
केकी मेकअप की 3 बड़ी गलतियाँ और समाधान – 3 Big Cakey Makeup Mistakes & Solution
आपका ‘कंसीलर’ खराब नहीं है, शायद आपका ‘तरीका’ गलत है। ये हैं वो 3 गलतियाँ जो ‘नेचुरल लुक’ को ‘केकी’ बनाती हैं:

गलती #1: सूखी ज़मीन पर पेंटिंग
- आप क्या करती हैं: आप सूखी, ‘डिहाइड्रेटेड’ स्किन पर सीधे ‘मैट कंसीलर’ (Matte Concealer) लगा लेती हैं।
- नतीजा: ‘कंसीलर’ स्किन का बचा-खुचा ‘मॉइस्चर’ भी सोख लेता है और ‘पपड़ी’ बनकर जम जाता है।
- समाधान: ‘Prep’ (तैयारी)! मेकअप एक ‘आर्ट’ है और स्किन ‘कैनवास’ है। ‘कैनवास’ को पहले ‘हाइड्रेट’ करना पड़ता है। (यह हम रूटीन में सीखेंगे)।
गलती #2: ‘ज़्यादा’ मतलब ‘बेहतर’
- आप क्या करती हैं: ज़्यादा ‘डार्क सर्कल्स’ देखकर आप ‘कंसीलर’ की ‘मोटी परत’ लगाती हैं।
- नतीजा: यह ‘मोटी परत’ स्किन पर ‘बैठ’ जाती है और जैसे ही आप ‘स्माइल’ करती हैं, यह ‘क्रीज़’ (Crease) हो जाती है।
- समाधान: ‘Less is More’ (कम ही ज़्यादा है)। ‘कलर करेक्शन’ (Color Correction) का इस्तेमाल करें ताकि ‘कंसीलर’ की ज़रूरत कम पड़े।
गलती #3: गलत शेड से ‘ग्रे’ लुक
- आप क्या करती हैं: आप ‘नीले’ (Blue-toned) ‘डार्क सर्कल्स’ पर सीधे Light ‘कंसीलर’ लगा लेती हैं।
- नतीजा: ‘नीला’ और ‘सफेद’ रंग मिलकर ‘ग्रे’ या ‘ऐशी’ लुक देता है। यह ‘डार्क सर्कल्स’ को छिपाने की जगह और ‘उजागर’ (Highlight) कर देता है।
- समाधान: ‘कलर व्हील’ का इस्तेमाल। ‘नीले’ को ‘काटने’ के लिए ‘ऑरेंज’ या ‘पीच’ का इस्तेमाल करें।
10 मिनट का प्रो रूटीन (Stopwatch शुरू!) – 10-Minute Pro Routine
क्या आप तैयार है? अपनी घड़ी और मेकअप का ज़रूरी सामान निकाल लीजिए। हम ‘केकी’ लुक को हमेशा के लिए ‘बाय-बाय’ कहने जा रहे हैं।

Minute 0–3: Prep (हाइड्रेशन बेस)
यह ‘नेचुरल लुक’ का सबसे बड़ा सीक्रेट है। इसे कभी ‘स्किप’ (Skip) न करें।
- क्लीन: अपने चेहरे को एक ‘जेंटल क्लींजर’ (Gentle Cleanser) से धो लें।
- हाइड्रेट: अपनी ‘रिंग फिंगर’ पर मटर के दाने जितनी ‘हाइड्रेटिंग आई क्रीम’ लें। (टिप: ‘हायलुरोनिक एसिड’ – Hyaluronic Acid – वाली क्रीम बेस्ट है)।
- मसाज (Massage): क्रीम को ‘डैब’ करते हुए लगाएँ। ‘रगड़ें’ (Rub) नहीं! ‘डैब’ करने से ‘ब्लड सर्कुलेशन’ भी बढ़ता है।
- इंतज़ार (Wait): यह सबसे ज़रूरी है। ‘कंसीलर’ लगाने से पहले उस ‘आई क्रीम’ को 2-3 मिनट तक स्किन में ‘सोखने’ दें। यह ‘कंसीलर’ को ‘फिसलने’ के लिए एक ‘चिकना बेस’ देगा।
Minute 4–5: Color Correct (सीक्रेट वेपन)
अगर आपके ‘डार्क सर्कल्स’ हल्के हैं, तो आप यह स्टेप ‘स्किप’ कर सकती हैं। लेकिन अगर वे ‘गहरे’ या ‘नीले’ हैं, तो यह ‘अनिवार्य’ है।
- शेड चुनें: ज़्यादातर ‘इंडियन स्किन टोन्स’ पर ‘ऑरेंज’ या ‘पीच’ ‘कलर करेक्टर’ काम करता है।
- कैसे लगाएँ: एक छोटा ‘ब्रश’ (Brush) या उंगली लें। ‘करेक्टर’ को सिर्फ उस हिस्से पर लगाएँ जहाँ ‘डार्कनेस’ है (आमतौर पर आँख का ‘अंदरूनी कोना’ – Inner Corner)।
- कितना? बिलकुल ‘ज़रा’ सा! हमें ‘ऑरेंज’ दिखना नहीं है, सिर्फ ‘ग्रे’ होने से बचना है।
- इसे हल्के से ‘डैब’ (Dab) करके फैलाएँ।
Minute 6–7: Concealer (2-Dot Technique)
अब है ‘कंसीलर’ की बारी। और हम ‘यूट्यूब’ पर दिखाया जाने वाला ‘बड़ा ‘ट्रायंगल’ (Triangle) नहीं बनाएँगे।
- प्रोडक्ट: एक ‘लिक्विड’ (Liquid) और ‘हाइड्रेटिंग कंसीलर’ (Hydrating Concealer) चुनें। ‘मैट स्टिक’ (Matte Stick) ‘कंसीलर’ से बचें।
- शेड: अपनी ‘स्किन टोन’ से ‘मैचिंग’ या सिर्फ ‘एक शेड हल्का’ ‘कंसीलर’ लें।
- ‘प्रो’ तरीका (The 2-Dot Technique):
- डॉट 1: ‘कंसीलर’ का एक ‘डॉट’ आँख के ‘अंदरूनी कोने’ पर लगाएँ (जहाँ सबसे ज़्यादा ‘डार्कनेस’ होती है)।
- डॉट 2: दूसरा ‘डॉट’ आँख के ‘बाहरी कोने’ पर, ‘ऊपर की तरफ’ लगाएँ।
- क्यों? यह ‘कम’ प्रोडक्ट में ‘ज़्यादा कवरेज’ और ‘लिफ्टेड’ लुक देता है। हमने ‘फाइन लाइन्स’ वाली जगह को ‘खाली’ छोड़ दिया है!
Minute 8: Blend (Damp Sponge Magic)
‘ब्लेंडिंग’ (Blending) ही सब कुछ है।

- हथियार: एक ‘नम’ ‘ब्यूटी ब्लेंडर’ (गीला नहीं, ‘नम’!) या एक ‘फ्लफी ब्रश’ लें।
- टेकनीक: ‘डैब, डैब, डैब’! (Dab, Dab, Dab!)।
- क्या न करें: ‘कंसीलर’ को ‘रगड़ें’ या ‘पोंछें’ नहीं। ‘रगड़ने’ से ‘कवरेज’ हट जाएगी और नीचे का ‘ऑरेंज करेक्टर’ दिखने लगेगा।
- ‘डैब’ करने से ‘कंसीलर’ स्किन में ‘प्रेस’ (Press) होता है और ‘एयरब्रश’ (Airbrushed) फिनिश देता है। जो ‘स्पंज’ (Sponge) पर बचा है, उसे ‘फाइन लाइन्स’ वाली जगह पर हल्का सा ‘डैब’ करें।
Minute 9–10: Set (No Baking!)
हमें ‘कंसीलर’ को ‘लॉक’ करना है, ‘सुखाना’ नहीं। इसलिए, ‘No Baking’!
(बेकिंग वह टेकनीक है जिसमें बहुत सारा ‘पाउडर’ लगाकर छोड़ देते हैं। यह ‘स्टेज’ के लिए ठीक है, ‘रोज़मर्रा’ के लिए नहीं)।
- प्रोडक्ट: एक ‘बारीक पिसा हुआ’ ‘लूज़ ट्रांसलूसेंट पाउडर’ लें।
- टेकनीक:
- एक ‘छोटा फ्लफी ब्रश’ लें।
- ‘पाउडर’ में ‘ब्रश’ को ‘डिप’ करें और ‘एक्स्ट्रा’ पाउडर को ‘झाड़’ दें।
- शीशे में ‘ऊपर देखें’ और हल्के हाथ से ‘पाउडर’ को ‘प्रेस’ करें (रगड़ें नहीं!)।
- सिर्फ वहीं ‘सेट’ करें जहाँ ‘क्रीज़’ होता है।
- अगर आपकी ‘स्किन’ बहुत ‘ड्राई’ है, तो ‘पाउडर’ की जगह ‘सेटिंग स्प्रे’ का इस्तेमाल करें।
और… हो गया! 10 मिनट में ‘फ्रेश’, ‘जागा हुआ’ और ‘नेचुर लुक।
प्री-रूटीन प्रिवेंशन (Long-Term Fix)
मेकअप एक टेम्पररी फिक्स है। लंबे समय के लिए डार्क सर्कल्स को कम करने के लिए यह लाइफस्टाइल टिप्स अपनाएँ:
- सनस्क्रीन: यह अनिवार्य है। रोज़ाना SPF 30 या ज़्यादा लगाएँ, भले ही आप घर पर हों, ताकि पिग्मेंटेशन न बढ़े।
- रेटिनॉल आई क्रीम: रात में रेटिनॉल वाली आई क्रीम का इस्तेमाल करें। यह कोलेजन बनाने में मदद करती है और स्किन को मोटा करती है।
- हाइड्रेशन और नींद: रोज़ 8 गिलास पानी और 7-8 घंटे की नींद का कोई विकल्प नहीं है।
- डॉक्टर से मिलें: अगर डार्क सर्कल्स बहुत ज़्यादा हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें। हो सकता है यह आयरन की कमी या एलर्जी का संकेत हो।
बजट vs. प्रीमियम प्रोडक्ट्स कोनसा बेस्ट है?
क्या महंगा प्रोडक्ट ही अच्छा है? नहीं! टेकनीक प्रोडक्ट से ज़्यादा ज़रूरी है।

- बजट (Budget):
- ‘Maybelline Fit Me‘ या ‘L.A. Girl Pro Conceal‘ (करेक्टर के लिए) जैसे ‘लिक्विड’ (Liquid) ‘कंसीलर’ बेहतरीन काम करते हैं।
- ‘आई क्रीम’ (Eye Cream) में ‘Nivea‘ या ‘Pond’s‘ की ‘लाइट’ (Light) ‘क्रीम’ भी ‘प्रेप’ (Prep) के लिए ‘अच्छी’ हैं।
- प्रीमियम (Premium):
- ‘NARS Radiant Creamy Concealer‘ या ‘Tarte Shape Tape‘ (अगर ‘स्किन’ ‘ऑयली’ (Oily) है) ‘अच्छे’ (Good) ‘ऑप्शन’ (Option) हैं।
- ‘प्रीमियम’ (Premium) ‘प्रोडक्ट्स’ (Products) में ‘स्किनकेयर’ (Skincare) ‘इंग्रेडिएंट्स’ (Ingredients) भी ‘मिले’ होते हैं।
निष्कर्ष: आई क्रीम में इन्वेस्ट करें और कंसीलर बजट वाला भी चलेगा, अगर आपकी टेकनीक सही है।
Summary (सारांश)
डार्क सर्कल्स को नेचुरली छिपाने का राज ज़्यादा मेकअप में नहीं, स्मार्ट मेकअप में है। सुबह डार्क सर्कल देखकर घबराओ मत!
10 मिनट में प्रो ट्रिक – पहले आई क्रीम से स्किन गीली करो, पीच करेक्टर से नीला रंग काटो, सिर्फ दो बूँद कंसीलर (अंदर-बाहर कोने पर) लगाओ, नम स्पंज से डैब-डैब ब्लेंड करो, हल्का पाउडर प्रेस करो। केकी लुक गायब, नेचुरल ग्लो ऑन!
People also ask
Q. डार्क सर्कल हाइपरपिग्मेंटेशन कैसे कम करें?
रोज़ SPF 30+ और रात में रेटिनॉल आई क्रीम लगाओ।
Q. अंडर आई क्रीज़िंग से कैसे बचें?
हाइड्रेटिंग कंसीलर + डैब ब्लेंडिंग + नो बेकिंग।
Q. इंडियन स्किन टोन के लिए बेस्ट कलर करेक्टर?
गेहुँआ: पीच, गहरी: ऑरेंज।
Q. डिहाइड्रेटेड स्किन पर कंसीलर केकी क्यों होता है?
मॉइस्चर न होने से चिपकता है – पहले आई क्रीम लगाओ।
Q. नेचुरल लुक के लिए कंसीलर कितना लगाएं?
सिर्फ 2 छोटे डॉट्स – इनर + आउटर कॉर्नर।
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